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Sunday, February 5, 2012

हमकदम साथ तेरे !! ~♥ कल्प ♥~


जाने कितने जन्मों की प्यास बुझती है ,
एक तेरी नज़र का जाम पी के ,
सारे फासले मिट जाते हैं , दूरियां ख़त्म हो जाती हैं ,
एक तेरी बाहों के घेरे में ,
यूँ ज़िन्दगी की राहों में मुश्किलें तो हैं बहुत ,
पर कट जाता है हर सफ़र हँसते - हँसते , हमकदम साथ तेरे !!  
~♥ कल्प ♥~


2 comments:

  1. सुंदर प्रस्तुती...

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  2. वाह जी ...बेहद खूबसूरत एहसास

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